जयपुर: राजस्थान विधानसभा में रोडवेज बसों और परवन परियोजना को लेकर हंगामा

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में रोडवेज बसों और परवन परियोजना को लेकर हंगामा

Jaipur: Ruckus in Rajasthan Assembly over roadways buses

Jaipur: Ruckus in Rajasthan Assembly over roadways buses

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान शुक्रवार को रोडवेज बसों की स्थिति को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस विधायक के सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री एवं डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा से तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा ने रोडवेज की मौजूदा हालत के लिए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए आरोप-प्रत्यारोप लगाए।

कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने नादौती-टोडाभीम क्षेत्र में रोडवेज बसें नहीं चलने का मुद्दा उठाया। जवाब में बैरवा ने कहा कि यात्रीभार कम होने के कारण वहां बस सेवा शुरू नहीं की गई। इस पर मेहर ने आरोप लगाया कि कुछ रोडवेज कंडक्टरों की निजी बस संचालकों से मिलीभगत है और टिकट जारी नहीं किए जाते। उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर यही हाल है तो रोडवेज को बंद कर देना चाहिए। इस पर बैरवा ने पलटवार करते हुए कहा कि रोडवेज की बदहाल स्थिति पूर्ववर्ती सरकार की देन है।

प्रेम चंद बैरवा ने बताया 800 नई बसें खरीदी, मुनाफे का दावा


डिप्टी सीएम बैरवा ने सदन में दावा किया कि उनके कार्यकाल में पहली बार राजस्थान रोडवेज मुनाफे में आई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में एक भी नई बस नहीं खरीदी, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 800 नई बसें रोडवेज को उपलब्ध कराई हैं। साथ ही और बसें जल्द शामिल होने वाली हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पलटवार करते हुए पूछा कि संबंधित रूट पर निजी बसों को कितने परमिट जारी किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह निजी बसें पहले पहुंचकर सवारियां उठा लेती हैं, जिससे रोडवेज को नुकसान होता है। बैरवा ने जवाब दिया कि यदि किसी प्रकार की मिलीभगत की शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।

परवन परियोजना पर भी उठा सवाल

इसी दौरान कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने परवन सिंचाई परियोजना में देरी और कथित तौर पर घटिया पाइप लगाने के मामले को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से परियोजना में देरी हुई और करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका है।

बजट पर आज जवाब देंगे मुख्यमंत्री

विधानसभा में आज वर्ष 2026-27 का बजट पारित होने की प्रक्रिया पूरी होगी। शून्यकाल के बाद एप्रोप्रिएशन बिल पर दिनभर चर्चा चलेगी। नेता प्रतिपक्ष के संबोधन के बाद शाम पांच बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बजट बहस का जवाब देंगे और इस दौरान कई नई घोषणाएं किए जाने की संभावना है। सदन में हुई इस बहस ने प्रदेश में परिवहन व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर सियासी माहौल गर्म कर दिया है।